बीते हुए लम्हे हमेशा दर्द भरे होते है ॥
इसलिए उन्हें अपने अरमानो के साथ ही जला देता हूँ मै
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कोई सास लेना भी कभी भूल सकता है भला?
वो तो ज़िंदा है मेरे दिल में धड़कने बनकर
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हम्बा हम्बा, रम्बा रम्बा, कम्बा कम्बा!
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बंगाल की राजनीति में ऐसा क्या हुआ कि “खेला होबे” से “अरे बाबा, ये क्या
होबे?” तक बात पहुँच गई!
कभी बंगाल की राजनीति में एक नारा गूंजता था — “खेला होबे!”
ढ...
5 weeks ago


1 comments:
wah wah Kya Bat Hai
bhut khoob
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